मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के जिलें में भी नहीं सुरक्षित है बालिका ?*

*मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के जिलें में भी नहीं सुरक्षित है बालिका ?*


*आदिवासी विभाग छिदंवाडा के लापरवाह अधिकारी/कर्मचारियों के कारण मूलभूत सुविधाएं को तरस रही है छात्रावास/आश्रम में आदिवासियों की बेटियां*


*आखिर कब सुंध लेगें प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ जी आपने ग्रह जिलें  छिदंवाडा के आदिवासियों की बेटियों की ?*


*आदिवासी विभाग इसका उदाहरण क्योंकि  मूलभूत सुविधाओं के अभाव में ही हुई जुन्नारदेव  छात्रावास में ये धटना जिसके बाद  विभाग की पोल खोल गई है **


आदिवासी विभाग के उच्च अधिकारी की  अनदेखी के कारण हो सकती है बड़ी घटना अप्रिय  क्योंकि  बिछुआ विकासखंड में एक ही प्राचार्य के भरोसे है तीन संस्था है जिसमें  कन्या परिसर(छात्रावास)  बिछुआ एंव जिले के सबसे बडे एकलव्य आवासीय  विद्यालय सिंगारदीप जो बिछुआ से बीस कि.मी.से दूर है । जहां  पर सैकड़ों छात्राएं  यंहा रहकर पढाई करती है  लेकिन इनकी देखरेख करने वाली प्राचार्य ही सप्ताह  में एक दो बार ही  जाती हैं ।तो कैसी होती होगी इनकी प्रतिदिन देखरेख समझ सकते है । क्योंकि यंहा प्रभारी प्राचार्य नहीं रहती है । रात में क्योंकि आदिवासी विभाग ने यंहा के प्रभारी प्राचार्य मेडम श्रीमती सुषमा जैन को तीन तीन जगहों का प्रभार देकर रखा है जिसमें एकलव्य आवासीय विद्यालय सिंगारदीप, कन्या परिसर बिछुआ एवं शासकीय कन्या विद्यालय बिछुआ का इनके पास प्रभार है सबसे बड़ी बात तो यह है कि प्राचार्य मेडम प्रतिदिन छिंदवाड़ा से  आना-जाना करती  हैं। तो आप समझ सकते हो कि इन छात्रावासों की देखरेख कैसी होती होगी अब देखना है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ आपने  गृह जिले में हो रही आदिवासियों की  बेटियों की अनदेखी को कब दूर करते यूं ही चलते रहेगा